रायपुर- छत्तीसगढ़ की खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने निवर्तमान राज्यसभा सांसद और दिग्गज आदिवासी नेत्री फूलो देवी नेताम को दोबारा अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस आलाकमान का यह फैसला राज्य में आदिवासी और महिला समीकरणों को साधे रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
फूलो देवी नेताम के नाम की घोषणा होते ही प्रदेश कांग्रेस में उत्साह का माहौल है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के जरिए उन्हें बधाई दी है।
- भूपेश बघेल ने कहा, “फूलो देवी जी ने हमेशा सदन में छत्तीसगढ़ की आवाज बुलंद की है। उनकी उम्मीदवारी से कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा।”
- चरणदास महंत ने इसे जमीनी कार्यकर्ता का सम्मान बताया।
- टीएस सिंहदेव ने विश्वास जताया कि वे एक बार फिर दिल्ली में राज्य के हितों की रक्षा करेंगी।
क्यों अहम है फूलो देवी की उम्मीदवारी?
- आदिवासी चेहरा: बस्तर संभाग से आने वाली फूलो देवी नेताम कांग्रेस का एक मजबूत आदिवासी चेहरा हैं।
- सक्रियता: अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने संसद में स्थानीय मुद्दों और विशेषकर महिलाओं व जनजातीय समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था।
- संगठनात्मक पकड़: वे पूर्व में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं, जिससे उनकी पकड़ जमीनी स्तर पर काफी मजबूत है।
छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं (फूलो देवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है)। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, एक सीट पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है। भाजपा ने इस बार लक्ष्मी वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
