रायपुर | छत्तीसगढ़ में धान की अंतर राशि (बोनस) के भुगतान को लेकर सियासत का पारा चढ़ गया है। जहाँ एक ओर विपक्षी दल कांग्रेस वर्तमान भाजपा सरकार पर किसानों को ‘प्रति एकड़ 3000 रुपए का चूना’ लगाने का आरोप लगा रही है, वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की ‘हताशा की राजनीति’ करार दिया है।
“अन्नदाताओं को ठगने वालों के पास बोलने का नैतिक अधिकार नहीं”
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जिसने अपने पांच साल के कार्यकाल में केवल किसानों को छला, उसे आज किसानों के हित पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में दो साल का लंबित बोनस नहीं दिया था, जबकि भाजपा ने सत्ता में आते ही अपने वादों को पूरा करना शुरू कर दिया है।
कृषक उन्नति योजना: ‘धरातल पर दिख रही प्रतिबद्धता’
साव ने स्पष्ट किया कि ‘कृषक उन्नति योजना’ के माध्यम से राज्य सरकार धान की अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में कर रही है। उन्होंने कहा:
“भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करने वाली सरकार नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का माद्दा रखने वाली सरकार है। हम किसानों के साथ किए गए एक-एक वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
राज्यसभा और सांगठनिक जिम्मेदारियों पर बेबाक राय
राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन और स्थानीय प्रत्याशी की मांग पर साव ने पार्टी की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भाजपा में चयन की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक है और संसदीय बोर्ड ही अंतिम निर्णय लेता है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में समर्पित कार्यकर्ताओं को हमेशा योग्य स्थान दिया जाता है।
असम चुनाव में बड़ी जीत का दावा
सांगठनिक मोर्चे पर बात करते हुए अरुण साव ने बताया कि उन्हें आगामी असम चुनाव के लिए लखीमपुर क्षेत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने वहां के कार्यकर्ताओं के उत्साह का हवाला देते हुए विश्वास जताया कि भाजपा वहां ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी।
