बिलासपुर,4 अक्टूबर 2019। विवाद का सबब बने छत्तीसगढ़ के पिछड़ा वर्ग आरक्षण का दायरा 27 प्रतिशत किए जाने के मसले के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है।
चीफ जस्टिस पी आर रामचंद्र मेनन और जस्टिस पी पी साहू की संयुक्त बैंच ने इस मसले पर दायर याचिका की सुनवाई की।
सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला और उनके सहयोगियों के द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया था कि, इंदिरा साहनी प्रकरण में यह व्यवस्था दी गई थी कि, किसी भी सूरत में आरक्षण पचास प्रतिशत से अधिक नही हो सकता।
आरक्षण पर हाइकोर्ट ने लगाया ब्रेक, सरकार को झटका, दिया स्टे
