लोरमी- विकास की बड़ी-बड़ी बातों और जनचौपाल के तामझाम के बीच लोरमी विधानसभा के वनांचल क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने प्रशासन की संवेदनहीनता की कलई खोल दी है। प्राथमिक शाला तिलाईडबरा में जर्जर हो चुके भवन का लेंटर अचानक गिर जाने से वहां पढ़ाई कर रहे तीन मासूम छात्र-छात्राएं मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए।


इस घटना ने सीधे तौर पर शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को उजागर कर दिया है क्योंकि स्कूल के शिक्षकों ने इस जर्जर स्थिति की जानकारी विभाग को बहुत पहले ही दे दी थी लेकिन कुंभकर्णी नींद में सोए अधिकारियों ने मासूमों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा।



हैरानी की बात यह है कि अभी कुछ ही दिन पहले उपमुख्यमंत्री और लोरमी विधायक अरुण साव ने इसी वनांचल क्षेत्र के ग्राम अचानकमार में बड़े स्तर पर जनचौपाल लगाई थी जहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके निराकरण का दावा किया गया था। सवाल यह उठता है कि जब विधायक खुद क्षेत्र में मौजूद थे और विभाग को पहले से ही सूचना दी जा चुकी थी तो इस जर्जर स्कूल की मरम्मत के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए। एक ओर सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने की बात करती है तो दूसरी ओर वनांचल के बच्चे मौत के साये में बैठकर ककहरा सीखने को मजबूर हैं।

यह हादसा उन तमाम दावों पर एक करारा तमाचा है जो विकास के नाम पर मंचों से किए जाते हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया जिसके कारण आज तीन बच्चों को चोटें आई हैं। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर लापरवाही के बाद क्या विभाग के उच्च अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की नींद खुलती है या फिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जाता रहेगा।
