लोरमी/मुंगेली- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आज ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत प्रदेश के लाखों किसानों के खातों में धान के अंतर की राशि (आदान सहायता) अंतरित की जा रही है। लेकिन इस सरकारी उत्सव के बीच लोरमी विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ आयोजित आधिकारिक कार्यक्रम के पोस्टरों से क्षेत्रीय विधायक व उपमुख्यमंत्री अरुण साव और नवनियुक्त केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की तस्वीरें गायब होने पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है।
पोस्टर विवाद: अपनों की ही अनदेखी?
लोरमी के ‘मानस मंच’ में आयोजित इस वृहद किसान सम्मेलन के मुख्य बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तस्वीरें तो प्रमुखता से दिख रही हैं, लेकिन लोरमी के ही जन-प्रतिनिधियों—उपमुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू—की फोटो नदारद है।
इस घटनाक्रम पर विपक्ष ने तंज कसते हुए इसे “सत्ताधारी दल के भीतर की आपसी खींचतान और गुटबाजी” करार दिया है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि जब सरकार अपने ही बड़े मंत्रियों और क्षेत्रीय विधायक को प्रोटोकॉल में जगह नहीं दे पा रही है, तो वह आम जनता और किसानों के प्रति कितनी गंभीर होगी?
राशि की ‘टाइमिंग’ पर सवाल: किसानों को होली में मिलेगी मदद?
कार्यक्रम के दौरान किसानों के बीच एक और चिंता चर्चा का विषय बनी रही। आज 28 फरवरी है और कल 1 मार्च (रविवार) को बैंक अवकाश है। इसके तुरंत बाद होली का त्योहार है। किसानों का कहना है कि राशि आज अंतरित तो की जा रही है, लेकिन बैंकों की छुट्टी के कारण वे इसे समय पर निकाल नहीं पाएंगे।
“सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए आज का दिन तो चुन लिया, लेकिन यह नहीं सोचा कि कल छुट्टी है। त्योहार की खरीदारी के लिए हमें नकद राशि की जरूरत है, जो अब शायद सोमवार से पहले संभव नहीं होगी।” — एक स्थानीय किसान
