लोरमी: राशन दुकान संचालक की दबंगई, ई-केवाईसी के बाद भी बुजुर्ग महिला को नहीं मिल रहा चावल; शिकायत लेकर एसडीएम दफ्तर पहुंची पीड़िता

लोरमी (मुंगेली): छत्तीसगढ़ में गरीबों के निवाले पर डाका डालने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लाखासार से सामने आया है, जहाँ एक राशन दुकान संचालक पर बुजुर्ग महिला के साथ दुर्व्यवहार और राशन चोरी के गंभीर आरोप लगे हैं।

मशीन में अंगूठा लगवाया, पर राशन से किया वंचित

लाखासार निवासी अहिल्या बाई (राशन कार्ड क्र. 226475357410) ने बताया कि उनके कार्ड में पति-पत्नी दोनों का नाम दर्ज है और नियमानुसार eKYC की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। इसके बावजूद, दुकान संचालक हलधर वर्मा द्वारा पिछले दो महीनों से उन्हें केवल 10 किलो चावल देकर चलता किया जा रहा है।

पीड़िता का आरोप है कि डीलर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन चावल देने के वक्त “ऊपर से कटौती” का बहाना बनाकर उन्हें भगा देता है।

डीलर की बदसलूकी: “चाहे बिलासपुर जाओ या रायपुर, जो करना है कर लो”

हैरानी की बात यह है कि जब अहिल्या बाई ने अपने हक के अनाज की मांग की, तो संचालक ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। महिला के अनुसार, संचालक ने अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें चुनौती दी कि वे चाहे बिलासपुर जाएं या रायपुर, उन्हें चावल नहीं मिलेगा।

“डीलर कहता है कि जो करना है कर लो, चावल नहीं मिलेगा। आज तीसरे महीने भी जब मैं राशन लेने पहुंची, तो घंटों खड़ा रखने के बाद मुझे वहां से भगा दिया गया।” — अहिल्या बाई (पीड़िता)

कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय में दी दस्तक

आज फिर खाली हाथ लौटने के बाद, थक-हारकर बुजुर्ग महिला न्याय की गुहार लगाने एसडीएम कार्यालय लोरमी पहुंची हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि कई अन्य हितग्राही भी इस संचालक की मनमानी से परेशान हैं।

अब देखना यह होगा कि खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस “राशन माफिया” पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित बुजुर्ग महिला को उनका बकाया राशन कब तक मिल पाता है।

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