मुंगेली/लोरमी- मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र से महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आ रहा है। शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अब e-KYC की अनिवार्यता के बाद हितग्राहियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, लोरमी के विभिन्न चॉइस सेंटरों और कियोस्क केंद्रों पर महिलाओं से e-KYC अपडेट करने के नाम पर मनमानी अवैध वसूली की जा रही है।
नियमों के मुताबिक, महतारी वंदन योजना के तहत e-KYC की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है या इसके लिए शासन द्वारा नाममात्र का शुल्क निर्धारित है, लेकिन लोरमी में सेंटर संचालक अपनी मर्जी से 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक वसूल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाली भोली-भाली महिलाएं, जिन्हें तकनीक की अधिक जानकारी नहीं है, अपनी अगली किस्त रुकने के डर से इन संचालकों को मुँह माँगी रकम देने को मजबूर हैं। कतारों में खड़ी महिलाओं का कहना है कि सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर उन्हें घंटों इंतज़ार कराया जाता है और जल्द काम करने के बदले अतिरिक्त पैसों की मांग की जाती है।
इस मामले में स्थानीय प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 30 जून 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों को अपना सत्यापन कराना अनिवार्य है, अन्यथा उनकी ₹1000 की मासिक किस्त रोकी जा सकती है। इसी डेडलाइन का फायदा उठाकर चॉइस सेंटर संचालक अवैध कमाई में जुटे हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन को इन सेंटरों का औचक निरीक्षण करना चाहिए और वसूली करने वाले संचालकों के लाइसेंस रद्द कर उन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सरकारी योजना का लाभ गरीबों तक बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के पहुँच सके।
